नेवरा की मतदाता सूची में फर्जी नामों का आरोप, निर्वाचन आयोग की जांच शुरू
नेवरा की मतदाता सूची में फर्जी नामों का आरोप, निर्वाचन आयोग की जांच शुरू
घुमंतू जनजाति के गैर-निवासियों को वोटर बनाने का दावा, निवास प्रमाणपत्र व आधार जारी होने पर उठे सवाल
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर कानूनगो अशोक मिश्रा को सौंपी जांच, बोले अभी कुछ कहना जल्दबाजी
मवई,अयोध्या ! विकास खंड मवई की ग्राम सभा नेवरा में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) पर अवैध रूप से मतदाता सूची में नाम शामिल करने का गंभीर आरोप लगा है।ग्रामवासी इशरत अली खां ने राज्य निर्वाचन आयोग, जिला निर्वाचन अधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि घुमंतू जनजाति के ऐसे लोगों के नाम पंचायत चुनाव 2025 की परिवर्धन सूची में जोड़ दिए गए हैं, जो ग्राम नेवरा के स्थायी निवासी नहीं हैं।शिकायत के अनुसार वार्ड संख्या 8 से 11 तक फॉर्म-6 के तहत जोड़े गए कई नाम संदिग्ध हैं। आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों का गांव में न मकान है, न भूमि और न ही पूर्व की किसी पंचायत अथवा अन्य चुनावी सूची में उनका नाम दर्ज रहा है।पंचायत नामावली वर्ष 2025 की परिवर्धन सूची में अंकित मोबाइल नंबरों पर भी सवाल उठाए गए हैंइशरत अली खां ने यह भी प्रश्न उठाया है कि जिन लोगों का गांव में स्थायी ठिकाना तक नहीं है, उनके निवास प्रमाणपत्र तहसील स्तर से किस आधार पर जारी हुए और आधार कार्ड कैसे बने। उनका कहना है कि बिना स्थायी निवास के मतदाता सूची में नाम दर्ज किया जाना नियमों के विपरीत है।शिकायतकर्ता के मुताबिक बीएलओ का कहना है कि फॉर्म-6 के तहत भरे गए सभी नाम सत्यापित हैं और जांच में सही पाए गए हैं, जबकि ग्रामीण इसे पूरी तरह गलत बता रहे हैं।मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जांच कानूनगो अशोक मिश्रा को सौंपी गई है। कानूनगो अशोक मिश्रा ने बताया कि फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा, मामले की जांच की जा रही है।शिकायतकर्ता ने परिवर्धन सूची 2025 की निष्पक्ष जांच कर कथित फर्जी नाम हटाने और दोषी कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। अब ग्रामीणों की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है।
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