नेवरा में फर्जी मतदाताओं की जांच हुई पूरी 

नेवरा में फर्जी मतदाताओं की जांच हुई पूरी 

Feb 21, 2026 - 10:11
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नेवरा में फर्जी मतदाताओं की जांच हुई पूरी 

जांच अधिकारी नायब तहसीलदार पर टिकी निगाहें जांच में फर्जी वाड़ा 
का होगा बड़ा खुलासा 

प्रशासन  व ग्रामीणों में हलचल तेज

मवई अयोध्या माननीय राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश के पत्र दिनांक 27.1. 26 के निर्देश के अनुपालन में जिलाधिकारी द्वारा नायब तहसीलदार राजनारायण मौर्य , क्षेत्रीय लेखपाल गाठित राजस्व टीम व पुलिस बल के मौजूदगी मे नेवरा बाजार में शिकायतकर्ता इशरत अली, ग्राम प्रधान नेवरा व ग्रामीण वासियों के समक्ष जांच की गई जांच के समय (बी एल, ओ )   हरकेश रावत भी उपस्थित थे पंचायत निर्वाचन नामावली 2025  परिवर्धन सूची में अंकित 117 नाम की जांच की गई आधार कार्ड जो घुमंतू जनजाति (मांगता) ने प्रस्तुत किया उसके पता लालू बाग अंकित है जबकि वह दूसरों की मालिकान  बाग है संवाददाता द्वारा आधार कार्ड पर अंकित पते का निरीक्षण किया तो वहां कोई भी मकान आज तक नहीं बना पाया गया   मालिकान बाग व ग्रामीणों द्वारा यह बताया गया कि इसमें कभी कोई मकान कभी नहीं रहा आधार कार्ड जो घुमंतू जनजाति के जारी हैं किस आधार को मान  कर जारी किए गए हैं यह बड़ा गंभीर मामला है  आश्चर्य की बात यह है कि परिवर्धन सूची वर्ष 2025  में भवन संख्या अंकित है उसमें भवन संख्या 499 में 38 449 में 26 541 में 36 मतदाताओं के नाम अंकित है जबकि घुमंतू जनजाति ( मंगता )का कोई मकान जांच में नहीं पाया गया शिकायतकर्ता द्वारा भी जांच अधिकारी को लिखित रूप से जांच के समय जानकारी दी की परिवर्धन सूची में जो मोबाइल नंबर भी अंकित है वह भी मतदाता के नहीं है शिकायतकर्ता व ग्राम वासियों की निगाहें जांच अधिकारी की जांच आख्या पर टिकी है ग्रामीण आपस में यह बात कर रहे थे कि यह मतदाता बिल्कुल  फर्जी हैं शिकायतकर्ता श्री इशरत अली के द्वारा जांच अधिकारी को एक सामान्य निवास प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जो वर्ष 2023 में अधिकारियों को गुमराह करके क्षेत्रीय लेखपाल के द्वारा निर्गत कराया गया जबकि उस व्यक्ति का न तो कोई मकान  और न ही यहां  कभी मतदाता रहा है शासनादेश के बिल्कुल विपरीत है इस से संदेह उत्पन्न होता है  ग्राम पंचायत नेवरा में वर्षो से फर्जीवाड़ा का खेल चल रहा है यह गंभीर प्रकरण है ग्राम पंचायत नेवरा में वर्ष 2021 से 2025 तक निर्गत सामान्य निवास प्रमाण पत्रों की जांच कराया जाना भी आवश्यक है ताकि की फर्जीवाड़ा का पता चल सकें जांच के दौरान आपस में पक्ष विपक्ष तेज आवाज में बात करने लगे तो दोनों पक्षों को  चौकी इंचार्ज रामदास नगर आयुष यादव ने शांत कराया

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